Charge : आवेश क्या है और ये कितने प्रकार के होते हैं ?

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हेलो दोस्तों आपका स्वागत है हमारे blog A2Z JANKARI पर । आज हम लोग Physics के स्थैतिक विद्युत (Electrostatic) के बारे में विस्तार से पड़ेंगे । इसके अंदर आपको आवेश (Charge) , इसके प्रकार और इसके गुणों के बारे में पढ़ेंगे ।

इन सभी के बारे में विस्तार से जाने से पहले आप को समझना होगा कि स्थैतिक विद्युत क्या है ? तो चलिए शुरू करते हैं ।

स्थैतिक विद्युत क्या है ? (What Is Electrostatic)

भौतिकी की वह शाखा जिसके अंतर्गत विराम अवस्था में आवेशों का अध्ययन किया जाता है , उसे स्थैतिक विद्युत कहते हैं ।

आवेश क्या है ? (What Is Charge)

वह भौतिक राशि जिसके किसी पदार्थ पर आ जाने से उस पदार्थ में वैद्युत के कुछ लक्षण या प्रभाव उत्पन्न हो जाते हैं अर्थात वह पदार्थ वैद्युतमय हो जाते हैं , उसे आवेश कहते हैं ।

आवेश एक अदिश राशि है जिसका S.I मात्रक कूलंब (C) तथा विमीय सूत्र [AT] होता है । इसे Q से सूचित किया जाता है ।

आवेश कितने प्रकार के होते हैं ? (Type Of Charge)

आवेश दो प्रकार के होते हैं – धन आवेश (Positive Charge) और ऋण आवेश (Negative Charge)

इसे सबसे पहले अमेरिकी वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रैंकलीन ने अपने एक प्रयोग के द्वारा पाया था । चलिए इनके प्रयोग के बारे में विस्तार से जानते हैं ।

दरअसल उन्होंने कांच के कुछ छड़ों को रेशम से तथा एबोनाइट की कुछ छड़ो को बिल्ली की खाल से रगड़ा । और उन्होंने पाया कि रेशम से रगड़ कर रखी गई कांच की दो छड़ें एक दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं तथा बिल्ली की खाल से रगड़ कर रखी गई एबोनाइट की दो छड़ें भी एक दूसरे को प्रतिकर्षित करती हैं ।

वही कांच की एक छड़ और एबोनाईट की एक छड़ एक दूसरे को आकर्षित करती हैं । इसी के आधार पर उन्होंने बताया कि कांच की छड़ और एबोनाईट की छड़ पर अलग अलग प्रकृति के आवेश हैं । कांच के छड़ पर धन आवेश और एबोनाईट की छड़ पर ऋण आवेश है । इस तरह उन्होंने बताया कि आवेश दो प्रकार के होते हैं ऋण आवेश और धन आवेश ।

अब चलिए आपको आवेशों के गुण के बारे में बताते हैं ।

आवेशों के गुण (Properties of Charge)

1. सजातीय आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं जबकि विजातीय आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते हैं ।

2. किसी विलगित निकाय में आवेशों का संरक्षण होता है अर्थात किसी विलगित निकाय में आवेश ना तो उत्पन्न किए जा सकते हैं और ना ही नष्ट किए जा सकते हैं ।

3. आवेश योगात्मक होते हैं । अर्थात किसी विशाल वस्तु के भिन्न-भिन्न भागो पर उपस्थित आवेशों का परिणाम उनके बीजगणितिय योग के बराबर होता है ।

+5C………….-10C…………+8C

उदाहरण – यदि किसी विशाल वास्तु के भिन्न भिन्न भागो पर उपस्थित आवेश +5C , -10C तथा +8C हो तो उस वस्तु पर परिणामी आवेश की मात्रा +3C होगी |

4. आवेशों का क्वांटमीकरण होता है । क्वांटमीकरण आवेशों का वह गुण है जो यह बताता है कि किसी वस्तु पर आवेशों की कुल मात्रा मूल आवेश का पूर्ण गुणज होता है ।

अर्थात , Q = ne जहाँ n पूर्णांक (1,2,3,4,5…) है !

उदाहरण – यदि किसी वस्तु पर +1C आवेश हो तो उसपर इलेक्ट्रानो की संख्या क्या होगी ?

∵ Q = +1C (प्रश्न में दिया है !)

तथा 1 इलेक्ट्रान (e) = 1.602 × 10−19 C

∴ n = ?

∴ n = Q/e

∴ n = 6.25 * 1018 Ans.

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